तंत्र मन्त्र का यंत्र – अमिताभ ठाकुर, आईपीएस

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OFFICERS TIMES Amitabh Thakur IPS UPदेख बंधू,
बात मेरी मान ले,
हासिल नहीं कर पायेगा,
जो तू चाहता,
यह जान ले,
मैं भी हूँ बना,
न जाने किस मिट्टी का,
मिट जाऊँगा,
पर न झुकूँगा,
तंत्र तेरा, मन्त्र तेरे,
चेले चाटुकार बिखरे पड़े,
जो चाहे उनसे करवा ले,
मनमर्जी बातें लिखवा ले,
मुझे अन्दर रख, बाहर रख,
चाहे चाकरी से फेंकवा दे,
एक बात कह हूँ,
दिल से कफ़न बाँधा है,
दिमाग इसे उतरवा नहीं पायेगा,
इतना जरुर है,
इस कुकर्म का,
फल तू,
भोग के ही जाएगा

– अमिताभ ठाकुर (उत्तर प्रदेश काडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ठाकुर अपने कामकाज में प्रशासनिक पारदर्शिता, ईमानदारी और जुझारूपन के लिए खास पहचान रखते हैं।)