विश्व रिकॉर्ड को लेकर I.A.S. और R.A.S. आमने-सामने, पंकज ने नहीं मैंने सुनाए थे, सबसे ज्यादा फैसले…

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जयपुर। आर.ए.एस. अधिकारी पंकज ओझा के एक ही दिन में अधिकतम फैसले सुनाने का विश्व रिकॉर्ड पहले ही दिन विवादों में आ गया है। ऑफिसर्स टाइम्स को एक आई.ए.एस. अधिकारी ने अपना पक्ष पूरे तथ्यों के सौंपते हुए दावा किया है कि, ‘मैंने कोटा में ही राजस्व अपील अधिकारी रहते हुए एक दिन में 150 फैसले सुनाए थे, फिर पंकज का विश्व रिकॉर्ड कैसे बन सकता है? इसका यह परिणाम कैसे निकाला जा सकता है कि पंकज ने ही एक दिन में सबसे ज्यादा फैसलों का रिकॉर्ड बनाया है।’

आर.ए.एस. पंकज के रिकॉर्ड के खिलाफ दावा करने वाले अधिकारी सल्वेन्द्र सिंह सोहता वर्तमान में आई.ए.एस. हैं। फिलहाल जनगणना निदेशक पद पर सेवाएं दे रहे सोहता ने ऑफिसर्स टाइम्स को रिकॉर्ड सौंपा है। इस रिकॉर्ड के अनुसार सोहता तीन बार (8 मई, 1994 से 13 जून 94 / 19 अक्टूबर 96 से 23 अगस्त 01 और 30 अप्रेल 07 से 1 सितम्बर 09) कोटा में राजस्व अपील अधिकारी रहे। इस दौरान 4 जून 2009 को सोहता ने 150 फैसले सुनाए हैं। सोहता के इस रिकॉर्ड के अनुसार अक्टूबर 96 से अगस्त 2001 के कार्यकाल में उन्होंने कुल 5217 दर्ज मामलों में से 4826 का निस्तारण भी कर दिया था और केवल 391 मामले ही पेंडिंग रहे थे। इसी प्रकार अप्रेल 2007 से अगस्त 2009 तक के कार्यकाल में कुल 3589 मामलों में से 3176 का निर्णय उन्होंने सुनाया था। इनमें से केवल 413 मामले ही पेंडिंग बचे थे। सोहता के मुताबिक उनके कार्यकाल में लम्बित मामलों की पेंडेंसी का रिकॉर्ड भी बेहतरीन रहा था। 96 से 2000 के कार्यकाल में उन्हें लम्बित 1386 मामले मिले थे और 2007 से 09 के कार्यकाल में उन्हें 1419 लम्बित मामले सौंपे गए थे। लेकिन जब उन्हें कार्यमुक्त किया गया, पेंडेंसी के स्तर पर भी बड़ा सुधार दर्ज किया गया। गौरतलब है कि आर.ए.एस. पंकज ओझा को  वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है, जिसकी खबर आज सवेरे समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई थी।

रिकॉर्ड निकलवाओ, साफ हो जाएगा रिकॉर्ड किसने बनाया
राजस्व अपील अधिकारी के सभी फैसलों का रिकॉर्ड रजिस्टर होता है। मैंने एक दिन (4 जून 2009) में 150 फैसले सुनाए हैं, इसका रिकॉर्ड कोटा कलक्टर कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में जमा है। उसे किसी भी स्तर पर वैरिफाई करवाया जा सकता है। मैं कोटा में ही नियुक्ति के दौरान राजस्व अपील अधिकारी झालावाड़ व बारां का जिम्मा संभाल रहा था, तब यह फैसले सुनाए गए थे। पंकज का दावा कोई बड़ा दावा नहीं है, अगर 107 फैसलों के इस दावे को विश्व रिकॉर्ड में शामिल किया जा रहा है, तो इस रिकॉर्ड पर सही मायने में मेरा हक बनता है। मैं रिकॉर्ड रूम से सत्यापित कॉपी निकलवाकर अपना दावा पेश करूंगा। आप रिकॉर्ड की किसी भी स्तर पर जांच करवा सकते हैं। पंकज अच्छा काम कर रहे हैं। अगर रिकॉर्ड बनता है तो हम तो चाहते हैं कि 150 से ज्यादा फैसलों का रिकॉर्ड बने। वह भी कोटा से ही बने तो इससे अच्छा क्या होगा?  लेकिन 150 फैसले का रिकॉर्ड मैंने 2009 में ही बना दिया था।

– सल्वेन्द्र सिंह सोहता, आई.ए.एस., राजस्थान काडर