‘बीरा’ से बाजार में हलचल

0
680

किस्मत किसी को कभी भी चौंका और चमका सकती है, लेकिन प्रयास उसमें जान फूंक देते हैं। एक चंचल मस्तिष्क लेकर शिकागो से निकले युवा ने भारत के बड़े कारोबारियों में हलचल मचा दी है। कामयाब कंसेप्ट के लिए एक के बाद एक चांस लेने के जज्बे ने देश को एक उभरता हुआ उद्योगपति दे दिया है। दिल्ली की गलियों से निकलकर वैश्विक बाजार में इस युवा एंटरप्रेन्योर अंकुर जैन ने जो किया है, वह न केवल काबिलेतारीफ है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के दिलो-दिमाग में छलांगे मारते आईडियाज के बीच मिसाल भी है।

भारत में परवरिश, अमेरिका में पढ़ाई और बेल्जियम से कारोबारी शुरुआत अंकुर जैन की अब यही पहचान है। फरवरी 2015 में भारत के बीयर बाजार में अंकुर ने जब स्ट्रांग बीयर सेगमेंट में अपने ब्रांड को लॉन्च किया, तो इस उद्योग के बड़े कारोबारियों की नजर में वह बहुत छोटे आदमी थे। लेकिन अब देश के बीयर कारोबारी बीरा 91 सहित अंकुर को हलके में नहीं ले रहे हैं। बीरा 91 का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और उद्योग की ग्रोथ रेट से ज्यादा ग्रोथ रेट पर कंपनी अपने सेगमेंट में आगे बढ़ रही है।

बीरा 91, अंतरराष्ट्रीय बीयर बाजार में युवा सौगात की तरह उभरा है। आज भारत और अमेरिका में ब्रीरा के चर्चे हैं। युवाओं की यह पहली पसंद बनता चला जा रहा है। बेहद महत्त्वाकांक्षी अंकुर ने बीते एक दशक में टेक्नोलॉजी, हैल्थकेयर, एग्रीकल्चर, रियल एस्टेट और एफएमसीजी सरीखे क्षेत्रों में अनुभव लिया है। वर्ष 2002 में शिकागो के इलिनॉइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से डिग्री लेकर निकले अंकुर को शायद नहीं पता था कि एक दिन एक लीकर की दुनिया में बड़े ओहदेदारों के बीच अपनी दावेदारी जमा देंगे। शिकागो से भारत लौटकर रिलायंस फे्रस में बतौर रिटेल निदेशक के पद पर सेवाएं दी और विपणन व्यवस्थाओं को जाना समझा। 2009 में रिलायंस को छोड़ा और सेराना ब्रेवरेजेज नामक कंपनी बनाई। यह कंपनी बेल्जियम, जर्मनी और अमेरिका से बीयर आयात करवाकर भारत में बेचा करती थी। 330 एमएल के इस युवा कारोबारी ने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में कम समय में जगह बना ली। बाजार को समझा और 2014 में फंड जुटाकर बीरा 91 को बाजार में लाने की तैयारियां शुरू की। अपने शुरुआती दिनों में मुंबई, बेंगलुरु, पूना, गोवा, कोलकाता और फिर न्यूयॉर्क के मार्केट को पकड़ा।

पहले साल जहां बीरा को बेल्जियम से भारत आयात करके बाजार विकसित किया गया था, वहीं आज इंदौर में बीरा 91 के लिए तीन शिफ्टों में करीब 750 लोग इस दिन-रात काम करते हैं। इसी साल के शुरुआत में बीरा 91 को न्यूयॉर्क में 10 डॉलर कीमत के साथ लॉन्च किया गया था। यह चौंकाने वाली बात है, जहां शिकागों में कम्प्यूटर साइंस में अपना करियर बना रहे लड़के ने एक आईडिया से भारत के बीयर बाजार के दिग्गजों को चैलेंज कर दिया है। सैंकड़ों को रोजगार दे रहा है। युवाओं को आकर्षित कर रहा है और सालों से जमे कारोबारियों के लिए सिरदर्द बन रहा है।

बीरा ब्रांड की इतनी तेजी से पकड़ एक रोमांचक सफर की तरह है। अपने स्टार्टअप के बारे में बेहद उत्साहित अंकुर अंकुर कहते हैं, भारत आने से पहले मैंने अमेरिका में अपने हैल्थकेयर स्टार्टअप को 2007 में बेच दिया था। इस दौरान मुझे गहराई से लगता था कि भारतीय बाजार में एक बेहतर स्ट्रांग बीयर की जरूरत है। ऐसी बीयर जो अपनी कीमत की एवज में पूर्ण संतुष्टि देती हो। मैंने तभी तय किया कि इस समस्या को मैं सॉल्व करूंगा। मैंने चिमे, डुवेल और ब्रोकलेन जैसी बीयर भारत में आयात करके बेचना शुरू किया। 2008 में जब बाजार में उपलब्ध बीयर के ब्रांड को कंपेयर किया, तो पता चला कि वैल्यू फॉर मनी की चाहत हमारे देश में ग्राहक हमेशा महसूस करता है। यहां तक की बीयर के मामले में भी। यूरोप और अमेरिका से आयात करने पर एक अच्छा विकल्प ग्राहकों को देने में हम कामयाब हो रहे थे, लेकिन उसकी कीमत आयात शुल्क की वजह से 500-700 रुपए तक पड़ रही थी। इसी गैप को खत्म करने के लिए मैंने तय किया कि अब निर्माण में उतरने का वक्त आ गया है और बीरा 91 बाजार में आ गई।

कॉलेज की पढ़ाई के बाद अमेरिका के मल्होत्रा गु्रप के साथ नौकरी की शुरुआत करने वाले अंकुर बीयर को आजमाने के ज्यादा शौकीन नहीं थे, लेकिन कहते हैं न शौक बड़ी चीज है। अंकुर ने अपने दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करते-करते ही व्यापार का अवसर इजाद कर लिया। अंकुर कहते हैं, हर शुक्रवार हम लोग अपना काम खत्म करके पूरी टीम के साथ बीयर लेते थे। इस दौर में बीयर के बारे में मैं लगातार, दिन-रात सोचने-समझने में जुट गया। लेकिन जब बीयर के बाजार में उतरने का मानस मैंने बनाया, तो मेरा परिवार इस पेशे के लिए बिलकुल भी तैयार नहीं था। अंकुर की मां इंटीरियर डिजाइनर हैं और पिता ने अपने 35 सालों के सीपीडब्ल्यूडी, दिल्ली के कामकाजी जीवन में अच्छा सामाजिक रुतबा हासिल किया है। मां और पिताजी असहज से थे। पिताजी ने अंकुर के इस फैसले के पीछे करीब पांच सालों तक बेटे से ठीक से बात तक नहीं की।

फिलहाल अंकुर अपने ब्रांड को बड़ा तो बना ही रहे हैं साथ ही साथ सरकार के साथ नियमों को लेकर भी बेहद संजीदगी से काम कर रहे हैं। अपने ब्रांड को 2020 तक एक प्रीमियम श्रेणी का अंतराष्ट्रीय ब्रांड बनाने में जुटे अंकुर इसका बाजार विकसित करने के प्रयास भी तेजी से कर रहे हैं। अपनी मजबूत टीम को कामयाबी का सेहरा बांधने वाले अंकुर के साथ एलिसन क्यूएरो, निदेशक, पार्टनरशिप व एक्टिवेशन ओर चाइना जिगेनबिन बतौर विपणन सलाहकार सेवाएं दे रही हैं। इनके अलावा अंकुर के साथ हैड पार्टनरशिप के तौर पर रोहित पिल्लई और क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर देव कबीर मलिक भी टीम का मजबूत हिस्सा बनकर जुटे हुए हैं।

भारत में बीयर का बाजार
करीब पांच साल पहले तक महज 4 बिलियन डॉलर्स (57,042.5 करोड़ रुपए)के भारतीय बीयर बाजार में युनाइटेड ब्रेवरेजेज, हैवर्ड जैसे चुनिंदा ब्रांड्स का कब्जा है। यह बाजार तेजी से बढ़ रहा है और उम्मीद की जा रही है कि 2018 में भारत का बीयर बाजार 9.3 बिलियन डॉलर्स के आंकड़े को छू लेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक किंगफिशर ब्रांड व इससे जुड़े फ्लैगशिप ब्रांड का भारत के 33 प्रतिशत बाजार पर कब्जा था, जिसे बढ़ा कर कंपनी 50 प्रतिशत तक लाने में जुटी हुई है। लेकिन अब बीरा 91 भारत के बाजार में बड़े खिलाडिय़ों का मजबूत प्रतिस्पर्धी बनकर इनके सामने खड़ा हो रहा है। बीरा 91 को एक स्ट्रांग बीयर के रूप में स्थापित कर रहे अंकुर ने इसमें 7 प्रतिशत एल्कोहल शामिल किया है। आंकड़े बतलाते हैं कि अंकुर का यह प्रोजेक्ट मजबूत पकड़ बना रहा है। यही वजह है कि कुछ समय पहले अंकुर को करीब 6 मिलियन डॉलर्स की फंडिंग भी निवेशकों से मिली है और इनके साथ निवेश करने वालों में स्नैपडील के को-फाउंडर कुनाल बहल और रोहित बंसल के साथ जोमेटो के दीपेन्द्र गोयल भी शामिल हैं।