आई.पी.एस. ‘बसंत’ ने रोका अतिक्रमण का ‘रथ’

0
463

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चे न पत्थरबाजों के हैं, न सेना के हैं और न पब्लिक की प्रतिक्रियाओं के। चर्चे हैं, तो बसंत के। आई.पी.एस. बसंत रथ। आई.जी. टै्रफिक बसंत रथ ने जब से पद संभाला है, बीच सडक़ होने वाली दादागिरी, वाहन चालकों की मनमानी, रास्तों को रोक कर बनाए अतिक्रमण और सडक़ों पर बेपरवाह होकर कानून की धज्जियां उड़ाने वालों को सांप सूघ गया है। बसंद एसी चैम्बर में बैठ कर आदेश देने की बजाय, खुद जम्मू की सडक़ों पर उतर रहे हैं। निर्देश दे रहे हैं। खुद खड़े रहकर छोटे-बड़े अतिक्रमण चिन्हित कर रहे हैं और उन्हें तत्काल हटवा रहे हैं। ताजा मामले में बसंत ने जो किया है, उसकी श्रीनगर में मिसालें दी जा रही हैं और कहा जा रहा है कि ऐसा अधिकारी पहले कभी नहीं आया।

श्रीनगर के राजबाग इलाके के हैट्रिक रेस्टोरेंट द्वारा रोड़ पर अतिक्रमण को लेकर बसंत ने अब जो किया, एक बार फिर पूरे जम्मू-कश्मीर में हलचल मच गई। कश्मीर से मिली जानकारियों के अनुसार इस रेस्टोरेंट द्वारा किए गए अतिक्रमण को लेकर बसंत को शिकायतें मिली थी। बसंत को यह भी जानकारी में आया कि श्रीनगर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन को शिकायतें मिलने के बावजूद वह आंखे मूंद कर बैठा है और अतिक्रमण नहीं हटा रहा है। बसंत मौके पर पहुंचे और रेस्टोरेंट मालिक को अतिक्रमण हटाने का समय दिया। लेकिन जब रेस्टोरेंट मालिक ने कहने के बावजूद भी अतिक्रमण नहीं हटाया, तो बसंत ने एसएमसी के चीफ एंटी एंक्रोचमेंट ऑफिसर को तत्काल अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। इतना ही नहीं वहां खुद खड़े रहकर नियमानुसार पूरा अतिक्रमण हटाकर ही लौटे। श्रीनगर में इस रेस्टोरेंट मालिक की पहुंच ऊपर तक बताई जा रही है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि हैट्रिक रेस्टोरेंट के मालिक द्वारा इस अतिक्रमण को हटाने की कोशिश अब तक किसी अफसर ने नहीं की। जैसे ही बसंत की यह खबर श्रीनगर में फैली, चौतरफ बसंत की तारीफे की गई हैं।

गौरतलब है कि जब से बसंत ने आई.जी. टै्रफिक का जिम्मा संभाला है अतिक्रमणकारी और यातायात नियमों की धज्जिायां उड़ाने वाले खुद-ब-खुद सुधरने लग गए हैं। बसंत वर्दी छोड़, सादे कपड़ों में सडक़ों पर निकलते हैं। हैलमेट न हो, बैल्ट न हो, बस ड्राइवर वर्दी में न हो, कार पार्किंग सही न हो, अवैध अतिक्रमण हो एक-एक मामले को बसंत सीधे तौर पर आड़े हाथ ले रहे हैं। बसंत नियमों के साथ कुछ ऐसे बेबाक चल रहे हैं, कि बड़ी संख्या में पब्लिक उनके पीछे-पीछे अब सडक़ों पर उतर रही है। अकसर कैमरों से बचतेे, अपने काम में जुटे बसंत ने साफ तौर पर बयान दिया है कि मेरे रहते यहां नियमों को तोडऩे वालों की खैर नहीं है। जब तक मेरा ट्रांसफर नहीं हो जाता, यहां ट्रैफिक रूल्स नहीं तोडऩे दूंगा। बसंत का यही अंदाज बड़ी मछलियों पर भारी पड़ रहा है। बसंत नियमों में रहकर, नियमों के साथ चल रहे हैं। वहीं बसंत ही एक मात्र विकल्प बनकर उभरे हैं जिन्होंने श्रीनगर में दादागिरी कर रहे बाहूबलियों और अवैध अतिक्रमण में लिप्त बड़े-बड़े व्यापारियों के रथ को रोक दिया है।