हम जिस मिशन पर हैं, उसमें हर घर की बेटी सुरक्षित – आई.ए.एस. नवीन जैन

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जयपुर। सरकारी महकमे के कार्यक्रमों में जिद, जोश, जज्बे और जुनून का दूर-दूर का वास्ता नहीं देखा जाता। इसीलिए सरकारी योजनाएं कॉर्पोरेट के स्ट्रटेजिक मूवमेंट्स के आगे पिछड़ जाती हैं। लेकिन देश में जज्बातों को जुनून और जिद को जोश में बदलने वाले ऐसे ऑफिसर्स भी हैं, जो असंभव से लगने वाले प्रयासों में कॉर्पोरेट जैसी जान फूंकने में कामयाब हो रहे हैं। जिनकी बदौलत सरकारी योजना किसी कॉर्पोरेट या गैर सरकारी संगठन के प्रयासों से भी भारी पडऩे लगी है। राजस्थान काडर में 2001 बैच के आई.ए.एस. और मिशन निदेशक नवीन जैन इसकी मिसाल हैं। नवीन ने सरकारी कागजों में महज नाम की चल रही योजना को उठाकर शिखर तक पहुंचा दिया है। नवीन के ही प्रयासों की बदौलत अब राजस्थान में कन्या भ्रूण हत्या के मामलों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

कामकाजी जिम्मेदारियों को निभाते हुए डॉटर्स आर प्रीशियश की मुहिम को तेज करने वाले नवीन कुछ इस मिशन में कुछ ऐसे जुटे कि बेहद कम समय में इसे आंदोलन का रूप दे दिया। अपना निजी समय भी इस आंदोलन को तेज करने में लगा दिया। अब राजस्थान ही नहीं, निकटतम राज्यों जिनमें हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और पंजाब में भी नवीन के डिकॉय ऑपरेशंस का खौफ है। क्वैक फार्मेसी, क्वैक डॉक्टर्स और सरकारी, गैर सरकारी वैध डॉक्टर्स द्वारा अवैध रूप से संचालित होने वाले भ्रूण लिंग परीक्षणों पर नवीन और उनके साथियों का डर कुछ ऐसा बैठ गया है कि प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार तक नजर आने लगा है। आम नागरिक नवीन के बेटी बचाओ आंदोलन में ताकत बन रहे हैं।

अपनी इसी ताकत और आंदोलन को मजबूती देने के लिए नवीन आज फिर 600 से ज्यादा युवाओं से रूबरू हुए। दुर्गापुरा स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र के सभागार में राजस्थानभर से जुटे युवाओं ने डीएपी रक्षक का प्रशिक्षण सीधे नवीन से लिया। अपने दमदार प्रजेंटेंशन में न केवल डीएपी रक्षक तैयार करने की भरपूर क्षमता के साथ नवीन खड़े हुए, बल्कि उन्होंने साबित भी कर दिया कि कॉर्पोरेट ही क्यों, सरकार और अधिकारी चाहें, तो किसी भी योजना में जान फूंक सकते हैं। उसे कामयाबी के शिखर तक पहुंचा सकते हैं। एक बीज स्वरूप प्रयास को आंदोलन का रूप दे सकते हैं और एक आम आदमी को देशहित से जोडऩे में सफल हो सकते हैं।

अब तक 99 सफल डिकॉय ऑपरेशंस को अंजाम देते हुए, शतक के करीब नवीन इसी महीने 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने जा रहे हैं। एक साथ करीब चार लाख से अधिक लोगों तक कन्या भू्रण हत्या को लेकर जागरुकता के मिशन को कामयाब बनाने के लिए नवीन ने फोर्स खड़ी कर दी है। यह फोर्स 24 जनवरी को राजस्थान के कोने-कोने में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। युवाओं की टीम, विभाग के अधिकारी और कर्मचारी, आशा सहयोगिनियां और ढेरों विभिन्न क्षेत्रों के जुझारू लोग नवीन के इस मिशन में कंधे से कंधा मिलाकर शामिल हो गए हैं। डीएपी रक्षक 2 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवीन ने जन-जन में बेटियों के महत्त्व और उनकी सुरक्षा के लिए आज कई सामाजिक मिथ्याओं को तोड़ा। उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों के साथ, शॉर्ट फिल्म, फैक्ट्स और मोटिवेशन स्पीच के जरिए एक नए अंदाज में कन्या भ्रूण हत्या के कृत्य में किसी भी प्रकार से सहभागिता नहीं करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उपनिदेशक जनसंपर्क गोविंद पारीक, परियोजना निदेशक पीसीपीएनडीटी रघुवीर सिंह और एसआरकेपीएस संस्थान के राजन चौधरी ने भी बेटी बचाओ आंदोलन को लेकर अपने विचार रखे।