निब – डॉ . जितेंद्र कुमार सोनी, आईएएस

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OFFICERS TIMES Jitendra Kumar Soni IAS RJ

लिख सका तो
ज़रूर लिखूंगा

ग़रीबी और बेबसी के आंसू
मां का तरल हुआ हृदय
पिता की परेशानियां

उखड़ी ईंटें
गले हुए सरकंडे
अनलेपा आंगन

ढीबरी, पुरानी चप्पलें
बड़े से छोटे तक घिसती किताबें
पैबंद सारे

लिखूंगा
इन सब के साथ
ये भी

पहाड़ की चोटी पर रखे
दीये की मानिंद
उम्मीद की कहानी

हौसले की निब को
पसीने की स्याही में भिगोकर
ज़रूर लिखूंगा

वाणी के पास आंख नहीं
आंख के पास वाणी नहीं
फिर भी लिख सका तो
निब से ज़रूर लिखूंगा !

– डॉ . जितेंद्र कुमार सोनी

(डॉ. सोनी 2010 बैच, राजस्थान काडर के आईएएस अधिकारी हैं। मूलत: रावतसर, श्रीगंगानगर से ताल्लुक रखते हैं। काव्य से गहरा लगाव रखने वाले सोनी की उम्मीदों के चिराग (शब्द श्री से सम्मानित, शब्द प्रवाह साहित्य मंच, मध्य प्रदेश), सहित कई रचनाएं लिख चुके हैं। सोनी प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारियों में जुटे युवाओं के मार्गदर्शन के साथ अपनी डायरी लेखन को सोशल मीडिया के जरिए भी एक बड़ा मंच दे चुके हैं।)