मुद्दा बनी फेसबुक पर आई.ए.एस. की अपील

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कोलकाता। तबादले वाकई इस देश में बड़ा मुद्दा हैं। तबादलों को लेकर असंतुष्टि का आलम यह है कि आई.ए.एस. अधिकारियों तक को इसके संबंध में अपील फेसबुक के जरिए करनी पड़ रही है। ताजा मिसाल हैं कोलकाता के युवा आई.ए.एस. पुनीत यादव। 1999 बैच के आई.ए.एस. पुनीत ने अपने फेसबुक पर माता-पिता की सेवा के संबंध में हवाला देते हुए मार्मिक अपील तबादले को लेकर हाल ही की है।

पश्चिम बंगाल में वित्त सचिव (बजट) पुनीत यादव की फेसबुक पर जारी अपील में उन्होंने एक पुत्र की अक्षमता जाहिर करते हुए माता-पिता से दूर रहना नौकरी की मजबूरी बताया है। पुनीत ने अपने फेसबुक पर लिखा है – “I have done full justice to my job in most demanding situations but I can’t absolve myself of my responsibilities as a son only because I am a government servant”

पुनीत की इस अपील के बाद न केवल पश्चिम बंगाल काडर में बल्कि अन्य राज्यों में सेवाएं दे रहे अधिकारियों में भी इस संबंध में सरगर्मियां तेज हुई हैं। पुनीत ने इस अपील में साफ तौर पर कहा है कि मैंने अपने कामकाजी जीवन में पूरी तरह न्यायपूर्ण तरीके से हर परिस्थिति में बेहतर सेवाएं अब तक दी हैं, लेकिन एक पुत्र के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निव्रहन करने में अक्षमता महसूस हो रही है, क्योंकि सरकारी नौकरी में हूं। बीते शनिवार ही पुनीत की काडर बदलने को लेकर खारिज हुई अर्जी की जानकारी उन्हें मिली थी। करीब 800 शब्दों की इस मार्मिक अपील को लेकर सिस्टम के सामने एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है। इधर आई.ए.एस. अधिकारियों में पुनीत की अपील के बाद बहस छिड़ गई है। एक आई.ए.एस. अधिकारी ने जहां पुनीत की इस अपील के खिलाफ लिखते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री के द्वारा पुनीत की नियुक्ति को लेकर दो बाद प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद इस पत्र के जरिए पुनीत पब्लिक से अपने प्रति सिम्पैथी गेन कर रहे हैं, वहीं दूसरे आई.ए.एस. अधिकारी ने पुनीत का समर्थन करते हुए साफ किया है कि काडर से अधिकारियों को दूसरे काडर में शिफ्ट होने के लिए सरकार ने साफ तौर पर रोक लगा रखी है और बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।

हालांकि यादव ने तबादलों को लेकर नाराजगी नहीं जाहिर की है, लेकिन एक पुत्र की असमर्थता को उन्होंने बेहद मार्मिक शब्दों में लिखा है। उन्होंने कहा है कि मैं अपने माता-पिता की जरूरत के समय मदद करने में असमर्थ हंू। मेरे पिता 82 वर्ष के हैं और उन्हें दिल, लीवर, फेफडे, गुर्दे, आंखों की समस्या, नर्व और हड्डियों के संबंध में रोग हैं, और पिताजी अपनी दवाएं भी सही तौर पर ले नहीं पा रहे हैं। अब देखना यह है कि इस मार्मिक अपील का सिस्टम पर कितना असर पड़ता है और इस लिहाज से सोचने या प्रयास तेज करने की कोई घटनाएं सामने आती हैं या नहीं, लेकिन इस तहर की समस्याएं लगभग सभी काडर के अधिकारियों के सामने आ रही हैं।