आसानी से सुलझेंगे, जीएसटी के जटिल मुद्दे

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जयपुर। कर संबंधी मामलातों में जीएसटी हॉट केक बन गया है, लेकिन जीएसटी के संबंध में संपूर्ण जानकारियों का संग्रहण व्यापारियों, वित्त क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले विशेषज्ञों और अधिकारियों के लिए बेहद उपयोगी है। आज भी जीएसटी मामले में सरकार के नित नए पक्ष सामने आ रहे हैं। जीएसटी में उद्योग और वस्तुओं के लिहाज से कुछ बदलाव भी सरकार ने किए हैं, लेकिन समग्रता में देखा जाए, तो जीएसटी केवल एक सुधार नहीं है, बल्कि यह मौजूदा अप्रत्यक्ष कराधान शासन का एक संपूर्ण परिवर्तन है।

ऐसे में सीए आशीष कूलवाल और रितु कूलवाल की हाल ही जारी पुस्तक चर्चा में है। जीएसटी – लॉ, प्रैक्टिस एण्ड प्रोसीजर्स के शीर्षक से प्रकाशित इस पुस्तक को अपने विषय के सबसे व्यापक प्रकाशन के तौर पर देखा जा रहा है। पुस्तक में दोनों लेखकों ने गत दो वर्षों से विभिन्न स्तरों पर विभिन्न हितधारकों के साथ भी विचार विमर्श के साथ पुस्तक को उपयोगी बनाने का सफल प्रयास किया है। पुस्तक जीएसटी-लॉ में अब तक अग्रणी और एकमात्र पुस्तक है, जो जीएसटी कानून (जैसे सीजीएसटी / आईजीएसटी / यूटीजीएसटी और जीएसटी राज्यों के मुआवजे) के सभी प्रावधानों और पहलुओं का विश्लेषण प्रदान करती है। पुस्तक में अब तक जीएसटी के संबंध में जारी किए गए सभी नियमों को शामिल किया गया है। कानून और नियम संबंधी पारम्परिक पुस्तकों के दायरे से जुदा इस पुस्तक में सभी प्रावधान और नियम अध्यायवार रूप में प्रदान किया गया है। व्यापक टिप्पणियों के साथ के साथ इस वृहद जानकारी वाली पुस्तक का महत्त्व वर्तमान दौर में जीएसटी संबंधी दुविधाओं का पर्याप्त समाधान है।

पुस्तक में जीएसटी कानून के जटिल मुद्दों को सामान्य व्यक्ति के समझने के लिहाज से आसान भाषा में लिखा गया है। कनिष्ठ वाणिज्यिक कर अधिकारी और सीए आशिष कूलवाल की यह पहली पुस्तक उनकी विषय पर पकड़ और गंभीरता को भी बखूबी जाहिर करती है।

पुस्तक : जीएसटी – लॉ, प्रैक्टिस एण्ड प्रोसीजर्स
लेखक : सीए आशीष कूलवाल, सीए रितु कूलवाल
प्रकाशक : कॉमर्शियल लॉ पब्लिशर्स (इंडिया) प्रा.लि.
कीमत : 1595.00 रुपए
पृष्ठ : 1016

– हेमन्त शर्मा