देशभर में इन आई.ए.एस. के ‘दर्शन’ के चर्चे हैं

Filed under: Officers |

जयपुर। दर्शनशास्त्र एक ऐसा विषय है, जिसकी गहराईयां मापने के प्रयास मानसिक परिपक्वता के एक स्तर से ही शुरू हो सकता है। समय-समय पर विभिन्न दर्शनशास्त्रियों ने अपने-अपने स्तर पर इसके सफल प्रयास भी किए हैं। लेकिन एक सामान्य अवधारणा दर्शन के ज्ञान के साथ जुड़ी सी रही है। उम्र का तकाजा और अनुभव की मिसालें। लेकिन राजस्थान काडर के एक युवा आई.ए.एस. अपनी दार्शनिक परिपक्वता को लेकर इन दिनों देशभर में सुर्खियों में हैं। 2011 बैच के अधिकारी और फिलहाल जयपुर विकास प्राधिकरण में बतौर सचिव सेवाएं दे रहे एच. गुइटे का हाल ही जारी नॉवेल ‘ कन्फेशन ऑफ ए डाइंग माइण्ड ‘ दुनिया का पहला ऐसा नॉवेल माना जा रहा है, जिसमें तार्किक रूप से ईश्वर और विज्ञान की गुत्थियों को समझने का सफल प्रयास किया गया है।

राजस्थान काडर के युवा आई.ए.एस. एच. गुइटे का महज 29 की उम्र में इस उपन्यास का प्रकाशन में आना महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। कम उम्र में गहरे भावों को पुस्तक में पिरोकर गुइटे ने जो किया है, वह न केवले ब्यूरोक्रेसी में चर्चा में है, बल्कि दिल्ली सहित देशभर के युवाओं और दर्शनशास्त्रियों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। इधर दिलचस्प बात यह भी है कि करीब छह साल पहले 23 की उम्र में सिविल सर्विस परीक्षा को 33वीं रैंक के साथ क्रैक करके भी गुइटे चर्चा में आ गए थे। जबकि वह शुरू से ही प्रोफेसर बनने का सपना संजोते रहे थे।

पिछले दिनों दिल्ली स्थित सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट में केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने गुइटे के इस नॉवेल का लोकार्पण किया था। इस अवसर पर संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डेविड आर. स्मिलिह भी मौजूद थे। लेकिन इस लोकार्पण के बाद अमेजन और फ्लिपकार्ट पर नॉवेल के आते ही पाठकों ने जमकर ऑर्डर किए हैं। ईश्वर और विज्ञान के मध्य अनसुलझे रहस्यों से रूबरू करवाते हुए, यह नॉवेल विज्ञान की प्रकृति, धर्म, प्रमाण के साथ-साथ प्रेम के पहलुओं पर भी मार्मिक एहसासों से भरपूर है। निरिश्ववरवादी किरदार के जरिए मौत को करीब से देख रहे व्यक्ति के अनुभव और एहसासों से गुजरता यह नॉवेल शब्दों की संरचना का समग्र संसार बनकर सामने आया है।

कम उम्र में बड़ी उपब्धियों से नाता जोड़ते चले जा रहे गुइटे की अगली सुर्खियां किससे जुड़ी होंगी, यह वक्त बताएगा, लेकिन युवा आई.ए.एस. के इस सफल दार्शनिक प्रयास को देशभर में हाथों हाथ लिया गय है।

गुइटे की पुस्तक यहां उपलब्ध है – फ्लिपकार्ट    अमेजन 

One Response to देशभर में इन आई.ए.एस. के ‘दर्शन’ के चर्चे हैं

  1. Excellent news-keep it up.
    Best wishes, G.K.Garg

    Gopal K.Garg
    06/13/2017 at 5:41 PM
    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *