आई.ए.एस. के ट्विट से उखड़ी सरकार, थमाया फरमान

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जम्मू। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2010 बैच के टॉपर रह चुके शाह फैजल इन दिनों बेवजह विवादों का शिकार हो गए हैं। फैजल ने 22 अप्रैल को एक ट्विट किया था, जो जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए आंखों की किरकिरी बन गया है।

आई.ए.एस. फैजल ने दक्षिण एशियाई मुल्कों में हो रहे बलात्कारों के संबंध में ट्विट करते हुए लिखा था – “Population + patriarchy + illiteracy + alcohol +porn + technology + anarchy = rapistan” । लेकिन फैजल के खिलाफ लॉबिंग कर रहे सिस्टम ने फैजल के इस ट्विट को जम्मू-कश्मीर से जोड़ दिया। इस संबंध में फैजल को सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, जम्मू-कश्मीर की तरफ से लैटर थमाया गया है, जिसमें कहा गया है कि फैजल ने प्रशासनिक सेवा नियमों 1968 और 1969 की अनदेखी करते हुए अपनी सेवा में ईमानदारी और अखंडता का परिचय नहीं दिया है, जिसके चलते आप पर जरूरी कार्यवाही की जा रही है।

फैजल फिलहाल मिड करियर मास्टर प्रोग्राम के लिए अमेरिका में हैं। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से मिले इस फरमान को प्रेम पत्र बताते हुए ट्विट भी किया है। फैजल के इस फरमान को जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से उचित कार्यवाही के लिए केन्द्र में भी भेज दिया गया। इधर फैजल ने भी साफ तौर पर कहा है कि (“If rape is part of government policy, then I plead guilty for criticism of the government policy”) अगर बलात्कार अगर सरकारी पॉलिसी का हिस्सा है और मेरे लिखने से ऐसे किसी नियम की मर्यादा टूटी है तो मैं माफी मांगता हंू। लेकिन फैजल का यह विवाद सरकार के लिए भी समस्या बन गया है। फैजल के खिलाफ खुले इस सरकारी मोर्चे में ट्विटर पर बड़ी संख्या में लोग फैजल के सपोर्ट में खड़े हो गए हैं। वहीं फैजल भी साफ कर चुके हैं कि उन्होंने जो भी लिखा वह दक्षिण एशियाई देशों के संदर्भ में था, न की जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में। दूसरी ओर मामले में राजनीतिक मिलीभगत के संदर्भ दर्शाते हुए कुछ लोगों ने फैजल को आई.ए.एस. छोडऩे तक की सलाह भी दे डाली है।