IAS ने दिया ‘एच टू एच’ का नया कंसेप्ट, देशभर में इनके चर्चे

0
1985

झालावाड़। जॉइन द चैलेंज, पुश यॉरसैल्फ टू एक्सट्रीम। इस सधी हुई पंचलाइन के जरिए राजस्थान काडर के एक युवा आई.ए.एस. जो कर रहे है, वह आम और खास दोनों को मोटीवेट करने वाला है। प्रयोगधर्मी आई.ए.एस. और झालावाड़ के जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र सोनी इन दिनों साइक्लैथॉन को प्रमोट कर हैं। ‘एच टू एच’ (हैरिटेज टू हैरिटेज, हैल्थ टू हैल्थ और ह्यूमन टू ह्यूमन) की थीम पर आधारित यह साइक्लैथॉन कई मायनों में खास है। राजस्थान में ‘हैरिटेज टू हैरिटेज’ कंसेप्ट को प्रमोट करने वाला यह अपनी तरह का पहला इवेंट है। खास बात यह भी है कि इस इवेंट ने न केवल झालावाड़ और राजस्थान बल्कि पूरे देश का ध्यान खींच लिया है।

इस साइक्लैथॉन को लेकर झालावाड़ में एक खास मूमेंटम है। पूरे आयोजन को लेकर कलक्टर डॉ. सोनी खासे ऊर्जा से भरपूर नजर आते हैं। डॉ. सोनी के अनुसार, ‘यह इवेंट बतलाता है कि कहीं भी, कुछ बड़ा किया जाना संभव है। झालावाड़ में इस आयोजन के जरिए हम बेटियों को सम्मान, हैरिटेज को प्रोत्साहन और लोगों को ज्यादा सेहतमंद बनाने की प्रभावी अपील करने जा रहे हैं। इस अपील में हम कामयाब भी हो रहे हैं।’ इस आईडिया की शुरुआत को लेकर डॉ. सोनी बताते हैं, ‘हमने 5 किमी. से शुरूआत की थी। फिर 10 और 25 किमी. तक गए। इसके बाद 50 और 90 किमी. का लक्ष्य पूरा किया और 19 अगस्त को 100 किमी. के इस साइक्लैथॉन को पूरा करके एच टू एच कंसेप्ट को स्थापित करेंगे। इसमें हमें भरपूर सहयोग और सद्भाव मिल रहा है। हमारे साथ जयपुर, उदयपुर और जोधपुर के साइक्लिस्ट भी शामिल हो रहे हैं और विदेशी साइक्लिस्ट भी इस आयोजन में भाग लेने झालावाड़ आ रहे हैं।’

झालावाड़ के गढ़ पैलेस से विनायका केव्ज तक 100 किलोमीटर तक यह साइक्लैथॉन आयोजित होगी। राजस्थान टूरिज्म के झालावाड़ कार्यालय के प्रोत्साहन और स्थानीय युवाओं के जुनूनी रवैये के साथ इसे एक बेहतरीन आयोजन के तौर पर देखा जा रहा है। इस साइक्लैथॉन को आयोजित करवाने में स्थानीय प्राइवेट स्कूल्स वेल्फेयर सोसायटी भी सहयोग कर रही है। झालावाड़ से मिली जानकारियों के अनुसार फिटनेस के साथ इकोटूरिज्म कंजर्वेशन और प्रमोशन की थीम पर आधारित इस हैरिटेज साइक्लैथॉन को जोधपुर, जयपुर और उदयपुर के साइक्लिंग प्रेमियों का सपोर्ट है।