आई.एफ.एस. श्रवण वर्मा के नेतृत्व में लियोपार्ड रेस्क्यू सफल

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कुन्नूर (केरल)। वरिष्ठ आई.एफ.एस. अधिकारी और केरल में बतौर चीफ कंजरर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (सीसीएफ) कुन्नूर (उत्तरी सर्किल) श्रवण कुमार वर्मा के नेतृत्व में लियोपार्ड रेस्क्यू सफल रहा। कुन्नूर से मिली जानकारी के अनुसार हाल ही एक तेंदुआ कुन्नूर में घुस आया और तीन लोगों को घायल कर दिया। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर इस तेंदुए के अचानक आ जाने से सैंकड़ों की संख्या में भीड जमा हो गई। इस मामले में रेस्क्यू टीम ने तुरंत मामले को संभाला, जिसमें मालाबार अवेयरनेस एण्ड रेस्क्यू सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ के तीन सदस्य तेंदुए के हमले में जख्मी भी हो गए।

कुन्नूर शहर में तेंदुए के खुलेआम घुस आने की इस पहली घटना से अफरा-तफरी मची, लेकिन समय रहते वन विभाग के अधिकारियों ने मामले को संभाल लिया। जानकारी मिलते ही रैपिड रेस्पॉन्स टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस अवसर पर अहम भूमिका निभाते हुए चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स कुन्नूर (उत्तरी सर्किल) श्रवण कुमार वर्मा सहित, जिला कलक्टर, पुलिस अधिकारी, संभागीय वन सेवा अधिकारी, कुन्नूर वन अधिकारी और फ्लाइंग स्क्वॉड भी मौके पर पहुंचे। करीब दस हजार की संख्या में जनता के सडक़ों पर तेंदुए को देखने के लिए आ जाने के लिए जिला कलक्टर ने रात होते-होते करीब 9.30 बजे धारा 144 लगा दी। मामला नियंत्रण में आने और तेंदुए को पकड़े जाने के बाद उसे नेय्यर स्थित पिंजरे में डाल दिया गया। इस दौरान वन मंत्री सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर सहित वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

कुन्नूर रेस्क्यू के हीरो बने अधिकारी

मामले में सरकारी महकमे ने तीव्रता दिखाते हुए नियंत्रण बनाया। इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ आई.एफ.एस. अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा, जिला कलक्टर मीर मोहम्मद अली, आई.पी.एस. शिवा विक्रम, आई.एफ.एस. सुनील पामिदि (डीएफओ) सहित फ्लाइंट स्क्वॉड के संभागीय वन अधिकारी सी.वी. राजन अहम भूमिका में रहे।

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