जिन्दा तो हूँ – अमिताभ ठाकुर, आई.पी.एस.

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यदि एक बात,
मुझे खुद की पसंद है,
तो वह यह,
कि कम से कम,
बोलता तो हूँ,
चुप तो नहीं,
लड़ता तो हूँ,
भागा तो नहीं,
सच के साथ तो हूँ,
उससे दूर तो नहीं,
जिन्दा तो हूँ,
मरा तो नहीं

उत्तर प्रदेश काडर के आई.पी.एस. अमिताभ ठाकुर अपने दबंग और इमानदार व्यक्तित्व के अलावा, बेहतर शब्दों की जादूगरी में भी माहिर हैं। अच्छा लिखते हैं। मन के भावों को कम शब्दों में बयां करने में कामयाब रहते हैं।

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