गढ़वाल की साडिय़ां वाकई माचिस की डिब्बी में बंद हो सकती हैं – रेमा राजेश्वरी, IPS

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गढ़वाल। देश के युवा आई.पी.एस. इस देश का जितना जान और समझ रहे हैं, उतना ही मेलजोल भी बना रहे हैं। खास बात यह भी है कि बीते करीब एक दशक में सिविल सेवाओं में चयनित होकर बेहतरीन, सकारात्मक और प्रयोगधर्मी अधिकारी सामने आ रहे हैं। ऐसी ही एक मिसाल हैं, आई.पी.एस. रेमा राजेश्वरी। फिलहाल गढ़वाल में एस.पी. के तौर पर सेवाएं दे रही हैं। लेकिन इनकी खास बात है कि यह अपने क्षेत्र में पुलिस व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के अलावा भी मेल-जोल, शासन और जन के बीच तारतम्य बिठाने की कामयाब कोशिशों को अंजाम दे रही हैं।

ताजा मामले में राजेश्वरी ने गढ़वाल के प्रसिद्ध साड़ी बुनकरों के साथ मुलाकात की। राजेश्वरी ने इन बुनकरों के दुख, दर्द जाने और गढ़वाली साड़ी के बनने की प्रक्रिया को भी दिल खोल कर समझा। राजेश्वरी के अनुसार मैंने पूरा दिन इन बुनकरों के साथ बिताया, जो यादगार बन गया है। मैंने भी साड़ी बनाने की प्रक्रिया को अपने हाथों से पूरा करने की कोशिश की। गढ़वाल की साडिय़ां से जगत प्रसिद्ध हैं, क्योंकि यह माचिस की एक छोटी सी डिब्बी में भी आ सकती हैं।