जयपुर एयरपोर्ट के सहयोग से बंट रही बस्तियों में खुशियां

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जयपुर हवाई अड्डा प्राधिकरण, पुष्प व वात्सल्य संस्थान की सामाजिक सरोकारों को गति देती योजना से मिल रहा है कच्ची बस्तियों में लाभ। कच्ची बस्ती के बच्चों को मिल रहे बेहतर खिलौने, कॉपी-किताबें और खेलकूल का सामान।

जयपुर। खुशियां कहीं भी जुटाई सकती हैं। जरूरत होती है, तो केवल उन्हें तलाश करने वाली नजर की। जयपुर हवाई अड्डा प्राधिकरण ने ऐसी ही एक नजर से सैंकड़ों चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। जयपुर हवाई हड्डा प्राधिकरण की सामाजिक सरोकारों को प्रोत्साहित करने की योजनाएं और नवाचार स्थानीय बस्तियों में खुशी की फुलझडिय़ां बिखेर रही हैं। हवाई अड्डा प्राधिकरण की ओर से करीब डेढ़ साल पहले शुरू किया गया नवाचार अब जयपुर ही नहीं देशभर के लिए मिसाल बन गया है। इस योजनांतर्गत हवाई अड्डे पर हैंडबैग में पकड़े जाने वाले प्रतिबंधित सामान (खिलौने, साबुन, शैंपू, घी, तेल, शेविंग क्रीम, मसाले इत्यादि) कच्ची बस्तियों में वितरित किए जा रहे हैं।

हवाई अड्डा प्राधिकरण के साथ इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जयपुर के पुष्प संस्थान और वात्सल्य संस्थान का सहयोग लिया जा रहा है। यह दोनों ही गैर सरकारी संस्थान जयपुर की बस्तियों में जरूरतमंद परिवारों की तलाश करते हैं और सामान को वितरित करवाते हैं। इस वितरण में हवाई अड्डा प्राधिकरण की अधिकारी व कर्मचारीगण भी हिस्सा लेते हैं। पहले जहां यह सामान जब्ती के कुछ महीनों में खराब हो जाया करता था, वहीं अब इसे हर पंद्रह से तीस दिनों में वितरित किया जा रहा है। जिससे मसाले, तेल, घी जैसी वस्तुएं जो एक समय के बाद पूरी तरह अनुपयोगी हो जाया करती थी, अब श्रेष्ठ उपयोग में आ रही हैं। जयपुर की कच्ची बस्तियों में जहां बच्चे खिलौनों के लिए तरसते थे, वहीं अब इस योजनांतर्गत उन्हें ढेरों खिलौने मिल रहे हैं। एकल महिलाओं द्वारा अपने परिवार का पालन-पोषण दूभर हो रहा था, वहीं अब इन बस्तियों की ऐसी महिलाओं को चयनित कर घी, तेल, आटा, मसाले जैसी चीजें वितरित की जा रही हैं। देश में पहली बार हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों से मिली यात्रा में प्रतिबंधित सामग्री को इक्कठा करके उन लोगों में वितरित किया जा रहा है, जो सामाजिक तौर पर मुख्यधारा से पिछड़े हुए और जरूरतमंद हैं। जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के सहयोग से जयपुर में कचरा बीनने वालों की बस्ती में इस अनूठी शुरुआत से न केवल नई उम्मीदें जगी, बल्कि खुशी का माहौल छा गया है।

इस योजना को प्रोत्साहित करने के लिए जयपुर हवाई अड्डा प्राधिकरण के निदेशक जयदीप सिंह बलहारा की अहम भूमिका रही। निदेशक बलहारा ने न केवल इस योजना को प्रोत्साहित किया, बल्कि खुद भी बस्तियों में जाकर सामान वितरण का अहम हिस्सा बने। जयपुर में कल्याणमयी संस्था की अध्यक्ष अन्नपूर्णा बलहारा भी कल्याणमयी के सदस्यों के साथ बस्तियों में जाकर इस वितरण का हिस्सा बने। रोचक अनुभवों से भरी इस योजना के सामान वितरण में जब निदेशक विमानपत्तन कच्ची बस्ती पहुंचे तो वहां के बच्चों ने राइम्स और पहाड़े सुनाए, वहीं ट्विंकल-ट्विंकल लिटिल स्टार पर कच्ची बस्ती के बच्चों ने निराले अंदाज में प्रस्तुति देते हुए दिल जीत लिया। इस अवसर पर निदेशक जयदीप सिंह बलारा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सामग्री जहां पहले उपयोग ही नहीं आ पाती थी, अब जरूरतमंदों तक पहुंच रही है। हमने अनुपयोगी सामग्री को किसी के लिए बेहद उपयोगी बनाने की एक शुरुआत पुष्प और वात्सल्य संस्थान के साथ की है, जो अपनी तरह की नई और अनूठी पहल है।