दो आई.ए.एस. बेचेंगे, जयपुर में सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी

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जयपुर। प्रॉपर्टी डीलर या एजेंट के तौर पर जमीनों की खरीद-फरोख्त की बात तो आपको तुरंत पच जाती होगी, लेकिन जब आपको पता चलेगा कि दो आई.ए.एस. अधिकारी अब जयपुर में सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी बेचेंगे, तो आपको आश्चर्य हो सकता है। लेकिन यह सच है।

भारत सरकार के दिशा निर्देशों के बाद देशभर में रेरा (रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी) में राज्य स्तरों पर रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। इनमें राजस्थान में राजरेरा की अधिकृत वेबसाइट के जरिए रियल एस्टेट एजेंट और कारोबारी अपना-अपना रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। ऐसे में नियम जिस स्तर पर लागू किए गए हैं, जयपुर विकास प्राधिकरण भी नियमों के दायरे में लिया गया है। जिसके चलते अब रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर जयपुर विकास प्राधिकरण ने भी अपना रेरा रजिस्ट्रेशन (RAJ/A/2017/235) करवा लिया है। इस रजिस्ट्रेशन के तहत जेडीए के दो पार्टनर दिखाए गए हैं, जो दोनों ही आई.ए.एस. अधिकारी हैं। जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त वैभव गालरिया और सचिव एच.एच.गुईटे। इस संबंध में जेडीसी वैभव गालरिया द्वारा 1 अगस्त, 2017 को अधिकृत पत्र जारी करते हुए गुईटे को अधिकार भी सौंपे गए हैं, जिसे रेरा ने सार्वजनिक भी कर दिया है। यानी अब जेडीए की जमीनों को बेचने के लिए अधिकृत फर्म के तौर पर जयपुर विकास प्राधिरण का रजिस्ट्रेशन उपयोग में लाया जाएगा। इससे एक बात तो साफ है कि जयपुर में प्राधिकरण से ज्यादा जमीन शायद ही कोई कभी बेच पाएगा। क्योंकि प्राधिरण का ठप्पा हर पट्टे पर है। इस लिहाज से इन दोनों अधिकृत पार्टनर के जरिए आने वाले समय में जयपुर में सबसे ज्यादा जमीनों की बिक्री दर्ज होगी। हां, यह संभव है कि वक्त के साथ जेडीए के अधिकारी बदलते रहेंगे, लेकिन बतौर फर्म रजिस्ट्रेशन और रेरा रिकॉर्ड सबसे ज्यादा जमीनों को बेचने का आंकड़ा अब जेडीए के नाम ही रहेगा।