राजस्थान की मदर इंडिया ‘मनन’

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जयपुर । मां शब्द अपने आप में ही प्रभावशाली है। जिसकी कोई परिभाषा नहीं दे सकता। आज भारतवर्ष में नारी का समाज मे सम्मान ही नहीं अपितु उन्हें पूजा भी जाता है। ऐसी ही मां स्वरूपी एक महिला हैं जो रात दिन सिर्फ अनाथ बच्चों को लेकर जूझती रहती हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं राजस्थान बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी की, जिन्होंने अपना पूरा जीवन अनाथ बच्चों के ऊपर न्योछावर कर दिया। आज के समय मे जहां एक और लोगों के पास एक असहाय अनाथ बच्चा रोटी मांगने आ जाता है, तो बहुत से लोग उसे भिखारी शब्द से सम्बोधन कर के भगा देते हैं, वहीं दूसरी ओर मनन को लावारिस नवजात की सूचना मिलते ही वहां बिना समय गंवाये पहुंच जाती हैं। उस लावारिस नवजात को वह अपने घर लाकर उसका लालन-पालन अपने बच्चे की तरह करती हैं। आज के युग जहां मां-बाप से दो बच्चे पालना मुश्किल हो रहे हैं, वही मनन करीब 122 बच्चों की मां जैसी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इन बच्चों ने कभी अपने माता-पिता नहीं देखे, आज यह मनन को ही अपना सबकुछ मानते हैं।

बीस साल से पाल रही है अनाथ बच्चों को

राजस्थान में मां के नाम से विख्यात मनन लगभग बीस साल से अनाथ बच्चों को अपने आचॅल के साये में पाल रही हैं। जानकारी के अनुसार मनन इससे पहले डिजाइनर हुआ करती थीं। कॉलेज के समय से ही देशभक्ति की बड़ी-बड़ी बाते करने वाली मनन आज अपने आप में युवाशक्ति के लिए मिसाल बन गई हैं। कहते हैं कि मनन आज के बीस साल पहले किसी फैशन डिजाइनिंग शो में जा रही थीं। उसी दौरान रास्ते में एक छोटी बच्ची सडक पर कांप रही थी। उसे देख कर मनन की रूह कांप गई और अपने फैशन डिजाइनिंग शो को छोडक़र उस बच्ची के पास ही रुक गईं और जब मनन को इस बात का पता चला कि यह अनाथ है तो वह उसे अपने साथ घर ले आई। इसी के साथ मनन की जिंदगी ने एक नया मोड ले लिया। तब से जब भी मनन को किसी लावारिस नवजात की सूचना मिलते ही अपने साथ ले आती हैं और इस तरह करते करते मनन के परिवार में लगभग 122 बच्चों तक पहुंच गई है।

देश की बेटियों को कली नहीं चिंगारी बनना होगा

देश में आज चारों तरफ असामाजिक तत्वों के द्वारा बेटियों को बुरी नजर से देखा जाता है। इतना ही नहीं कुछ हैवानों द्वारा तो छोटी-छोटी लडकियों को अपनी हवस का शिकार तक बना लिया जाता है। जिसके चलते मनन ने देश की बेटियों को आह्वान करते हुए कहा है कि समाज में चल रहे घिनौने कृत्य को रोकने के लिए देश की बेटियों को कली नहीं चिंगारी बनना होगा। ताकि जो देश की बेटियों की अस्मत को कुचलने की कोशिश करे, तो देश की बेटियां चिंगारी से शोला बन कर उस हैवान को भस्म कर सके। जहां एक और मनन चतुर्वेदी राजस्थान की मदर इंडिया के लिए के नाम से जानी जाती हैं। मनन की इस कार्यशैली को देखते हुए भाजपा सरकार ने इन्हें राजस्थान की बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष के पद का कार्यभार सौंपा।

– कमलेश शर्मा, चौमूं

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