मंत्री का ऑफिस! इस युवा आई.ए.एस. ने बेबाकी से जड़ दिया ताला

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हसन (कर्नाटक)। देश में युवा अधिकारियों की फौज अब दकियानूसी उपायों, नाजायज राजनीतिक दबावों और गैरवाजिब तनावों से ऊपर उठकर काम कर रही है। मिसालें रोज कायम हो रही हैं। यह हमारे लिए फख्र की बात भी है, क्योंकि इससे देश मजबूत हो रहा है। देश के युवा अधिकारी दबावों में डगमगाने की बजाय, संविधान के प्रति अपने कर्तव्यों का बेबाकी से पालन कर रहे हैं। ताजा मिसाल हैं कर्नाटक काडर की युवा आई.ए.एस. अधिकारी रोहिणी। नियमों का उल्लंघन करते कर्नाटक के नेता की जानकारी जब रोहिणी को लगी, तो रोहिणी ने तत्काल कर्नाटक के मंत्री के ऑफिस में ताला जड़वा दिया। मंत्रीजी भी सन्न होकर देखते ही रह गए।
कर्नाटक के हसन में बतौर डिप्टी कमीशनर सेवाएं दे रही आई.ए.एस. रोहिणी ने जिला डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज मिनिस्टर ए.मंजू के पीडब्ल्यूडी इंस्पेशक्शन बंगले में चल रहे ऑफिस को ताला जड़वा दिया। रोहिणी फिलहाल जिला चुनाव अधिकारी भी हैं। लेकिन मंत्रीजी ने सरकारी जगह का इस्तेमाल चुनावों में करने का प्रयास जब किया, तो मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के हवाले से चुनाव की तारीखें घोषित हो जाने पर रोहिणी ने तुरंत ताला जड़वा दिया। इधर मामला उलझा, तो पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने नोटिस जारी कर दिए, जिसमें पूछा गया है कि नियमों का उल्लंघन करते हुए कैसे सरकारी जगह का इस्तेमाल चुनावों के लिहाज से किया गया।
यह पहला मामला नहीं है जब रोहिणी सीधे तौर पर सरकार के सामने खड़ी हुई हों। करीब चार तीन महीने पहले उनके तबादले को लेकर रोहिणी ने कर्नाटक उच्च न्यायलय और सेंट्रल एडमिनिस्टे्रटिव ट्रिब्यूनल का दरवाजा सरकार के खिलाफ खटखटाया था। राज्य सरकार ने हसन में उनकी पोस्टिंग के केवल आठ महीने में ही तबादला कर दिया था, जिसके खिलाफ रोहिणी कोर्ट गई थीं। 2009 बैच की आई.ए.एस. रोहिणी अपने शुरुआती दिनों से ही अनैतिक राजनीतिक हस्तक्षेपों के खिलाफ खड़ी रही हैं और अब इस ताजा मामले को लेकर उनके द्वारा उठाए कदम की गलियारों की खास चर्चाएं हैं।