विधायक रमेशचंद मीणा का ऐलान – सरकार और अफसर सो रहे हैं, इनको जगाना जरूरी

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करौली। चुनाव सालभर बाद हैं, लेकिन रंग चढऩे लगा है। अपने काम को लेकर चर्चा में रहने वाले नेता, सीधे तौर पर जमीनी जंग में कूद रहे हैं। कांग्रेस के सपोटरा विधायक रमेशचंद मीणा ने चुनावी बिगुल बजाते हुए सरकार कहा है कि सरकार और अफसर सो रहे हैं, इनको जगाना जरूरी है। ढोल नगाड़ों और विशाल जनसमूह के साथ मीणा ने भरी पब्लिक में जेवीवीएनएल के आदेश (विजिलेंस व चेकिंग संबंधी) को पब्लिक के सामने पढ़कर सुना डाला। इतना ही नहीं मीणा ने किसानों की कर्जमाफी, जिले को अकालग्रस्त घोषित करने की मांग भी दमदार तरीके से की।

मीणा के इस शक्ति प्रदर्शन में जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस ने हुंकार भरी। मौके पर एआईसीसी सविच देवेन्द्र यादव ने केन्द्र सरकार को जनविरोधी बताया। इस अवसर पर रैली में शामिल होने के लिए नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, विधायक महेन्द्रजीत सिंह मालवीय, विधायक गिर्राज मलिंगा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा, पूर्व विधायक रामनारायण मीणा, कांग्रेस प्रवक्ता प्रताप सिंह खाचरियावास, पूर्व विधायक कैलाश मीणा, पीसीसी पदाधिकारी अशोक सैनी, विधायक दर्शन सिंह, जिला प्रमुख अभय मीणा, एआईसीसी प्रवक्ता संदीप चौधरी, कांग्रेस एसटी प्रदेशाध्यक्ष शंकर मीणा, पूर्व विधायक मोतीलाल मीणा ने सरकार और सिस्टम को आड़े हाथों लिया।

रैली को संबोधित करते हुए नमोनारायण मीणा ने कहा कि जिले की दो प्रमुख मांगों जिनमें चम्बल का पानी और रेल लाइन महत्त्वपूर्ण है, इन्हें कांग्रेस को अपने घोषणा पत्र में जरूर शामिल करना चाहिए। नमोनारायण मीणा ने कांग्रेस के कामकाज को मंच से गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस राज में किसानों को बिना ब्याज के ऋण, 71 हजार करोड़ की कर्जमाफी और बैंकिंग सेवाओं में विशेष विस्तार के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्य किए। अवसर पर विधायक महेन्द्रजीत सिंह मालवीय ने कहा कि राजीव गांधी सेवा केन्द्र जो ग्राम पंचायतों पर कांग्रेस ने बनवाए थे, उनका ही नाम बदल कर इस सरकार ने अटल सेवा केन्द्र कर दिया है। हम सत्ता में आएंगे, तो वापस मूल नाम से ही केन्द्र को जाना जाएगा।

करौली में इस युवा हुंकार के साथ एक बात तो तय है कि मीणा भारी जनसमर्थन यहां जुटाने में कामयाब हो रहे हैं। कहीं सरकारी नीतियों का विरोध है, तो कहीं नीतिगत मसलों पर जनता की नाराजगी। लेकिन विधायक मीणा ने अपने कामकाज और पार्टी में मजबूत पकड़ को स्थानीय जनता के बीच उतार दिया है।