एनटीपीसी के लिए सिरदर्द बना अखलाख मामला

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में दादरी के मो. अखलाख हत्या मामले ने एनटीपीसी को भारी सिरदर्द दे रखा है। इसी सिरदर्दी को कम करने के लिए आज एनटीपीसी को अखलाख मामले में सफाई देनी पड़ी है। ताजा जानकारी के अनुसार विवाद के तूल पकडऩे और लगातार मीडिया में खबरे आने के बाद एनटीपीसी ने आधिकारिक बयान में कहा है कि कंपनी में अखलाख के हत्यारों को नौकरी नहीं दी गई है।

गौरतलब है कि स्थानीय विधायक के कहने पर अखलाख हत्याकाण्ड के 15 आरोपियों को एनटीपीसी में नौकरी दिलवाने का यह मामला एनटीपीसी के लिए समस्या बन गया है। लगातार विरोध प्रदर्शन और मीडिया में कंपनी की बिगड़ती छवि से कंपनी प्रबंधन परेशान है। करीब दो साल पहले 28 सितम्बर, 2015 को दादरी के बिसाहड़ा गांव में गोमांस रखने के आरोप में मो. अखलाख की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। अखलाख के 15 हत्यारों को एनटीपीसी में नौकरी का मामला तब उठा जब बीजेपी विधायक तेजपाल सिंह नागर ने 9 अक्टूबर को एनटीपीसी के अधिकारियों से इन लोगों को नौकरी देने के लिए मुलाकात की थी। इसके बाद यह मामला गर्माता ही चला गया। इधर इस मामले में न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि एनटीपीसी में नौकरी देने के संबंध में कोई समझौता नहीं किया गया है और न ही किसी को रोजगार दिया गया है।