नन्हे दिलोंं में उतरी, मीठी मुस्कान

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जयपुर। एक मुस्कुराता चेहरा, रौनक बदल देता है और वाकई उस मुस्कान को बिखरने के लिए किया गया एक-एक प्रयास अतुलनीय है। यह मुस्कान कहीं शब्दों से, कहीं मौन से, तो कहीं चित्रों से खिल उठती हैं। …तो कभी-कभी फिल्मों से भी इसे बिखेर पाना बेहद कामयाब रहता है। इसीलिए कहते हैं न, फिल्में जीवन का आईना होती हैं। संदेश देती हैं, और झकझोर भी देती हैं। जीवन के इसी आईने को सामाजिक बदलाव की आहट बनाने के प्रयास देशभर में एंटरप्रेन्योर्स ने करने शुरू कर दिए हैं। एक ऐसी ही ताजा मिसाल हाल ही देखने को मिली। सोशल एंटरप्रेन्योर्स के एक बड़े कदम से जयपुर सहित देशभर के 40 शहरों के 13,626 बच्चों के चेहरे खिल उठे। यह सफल प्रयास किया बुक ए स्माइल और राउंड टेबल इंडिया ने मिलकर। इस योजनांतर्गत देशभर में मुख्यधारा से पिछड़े बच्चों को टॉयलेट – एक प्रेम कथा फिल्म दिखाई गई। जयपुर में आइनॉक्स, क्रिस्टल पाम और ट्राइटन मॉल में करीब 1300 बच्चों ने एक साथ इस फिल्म का मजा लिया। देशभर में सिनेमाहॉल तक जुटे इन बच्चों में कच्ची बस्तियों, पिछड़े परिवारों, सरकारी स्कूलों के ऐसे बच्चे जिनका परिवार बामुश्किल ही अपना खर्चा भी चला पाता है, को चुना गया और इस रोचक फिल्म के जरिए स्वच्छता का संदेश दिया गया। दिलचस्प बात यह भी रही कि इन बच्चों में ज्यादातर कभी सिनेमाहॉल तक नहीं गए थे। उनके लिए फिल्म देखना, फिल्म के दौरान पॉपकॉर्न का मजा लेना सब एक जादुई अनुभव जैसा रहा।
इन विशेष बच्चों के लिए फिल्म का प्रदर्शन देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन एंटरटेनमेंट टिकटिंग कंपनी बुक माई शो के सोशल इनिशिएटिव बुक ए स्माइल और राउंड टेबल इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। देशभर में शौचालय बनाने और साफ-सफाई को प्रोत्साहित करने के लिए इस फिल्म को विशेष रूप से चुना गया। जिससे आने वाली पीढ़ी में स्वच्छता के प्रति जागरुकता को बढ़ावा दिया जा सके। इस फिल्म के साथ ही बुक ए स्माइल और राउंड टेबल इंडिया ने प्रधानमंत्री के विजन टू मेक इंडिया डेफिशिएशन फ्री को बुलंद किया। देशभर में फिल्म के जरिए बच्चों में अवेयरनेस का यह सफल प्रयोग सोशल एंटरप्रेन्योर्स द्वारा सामाजिक बदलाव की कड़ी में एक रोचक अनुभव बन गया।
स्वच्छता मिशन हमारी प्राथमिकता 
हम बुक ए स्माइल के आभारी हैं, जिन्होंने खुशियां बिखेरने वाले इस बेहतरीन विचार को बढ़ावा दिया। पूरे देश में हजारों बच्चों ने टॉयलेट – एक प्रेम कथा फिल्म देखी और हम देश को स्वच्छ बनाने का संदेश रोचक तरीके से उन लोगों तक देने में सफल रहे, जिन्हें इसे समझने की बेहद जरूरत है। स्वच्छ भारत अभियान को लेकर हमारे प्रयास जारी रहेंगे और प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन को हम सोशल एंटरप्रेन्योर्स, कॉर्पोरेट्स और सहयोगियों के साथ मिलकर इसी तरह आगे बढ़ाने के लिए जुटे रहेंगे। स्वच्छता मिशन हमारी प्राथमिकताओं में है।
– क्रिस्टोफर अरविंथ, अध्यक्ष राउंड टेबल इंडिया
जयपुर में 1300 बच्चों ने देखी फिल्म
टॉयलेट – एक प्रेम कथा का शो बच्चों के लिए वाकई एक रोमांचक अनुभव रहा। वो क्षण महसूस करने वाले थे, जब जयपुर में 1300 बच्चों ने फिल्म के जरिए स्वच्छता के संदेशों पर सिनेमा हॉल में जमकर तालियां बजाई। बड़े सामाजिक बदलाव की आहट वाली इस फिल्म के जरिए हम नन्हें दिलों तक पहुंचे हैं। समाज के ऐसे वर्ग को छुआ है, जहां स्वच्छता के मायने पहुंचाना वाकई बेहद जरूरी है। फिल्म बच्चों के दिलों तक पहुंच जाए, तो इससे कामयाब संदेश और क्या हो सकता है। हम बुक एक स्माइल के इस प्रयास की सराहना करते हैं, जिन्होंने समाज की जड़ों तक प्रभावना का असरकारक प्रयास हमारे साथ किया है।
– रजत बोहरा, नेशनल सीएसआर कंवेयर, राउंड टेबल इंडिया
फिल्में समाज को संदेश देने में सक्षम 
फिल्म गंभीर विषयों को सरलता से समाज तक पहुंचने और जागरुकता फैलाने का सशक्त माध्यम है। इसी विचार को ध्यान रखते हुए हमने करीब 16 हजार बच्चों को टॉयलेट – एक प्रेम कथा दिखाना तय किया था। राउंड टेबल इंडिया के सहयोग से हम समाज के पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखने वाले उन बच्चों तक सफलतापूर्वक संदेश देने में कामयाब रहे, जिन्हें इस विषय पर गंभीरता से बदलाव का हिस्सा बनना चाहिए। इस प्रयास में हम 13,626 बच्चों को फिल्म दिखा पाए। भविष्य में इसी तरह समाज में जरूरतमंदों तक खुशियां बिखरने के लिए हम हमेशा प्रयासरत रहेंगे।
– फरजाना कामा बलपाण्डे, हैड, बुक ए स्माइल
यह बड़े बदलाव की आहट है
बच्चे देश का भविष्य हैं। ऐसे में बुक ए स्माइल और राउंड टेबल इंडिया का यह प्रयास भविष्य के बदलाव की बड़ी आहट और सराहनीय कदम है। हमारे साथ कच्ची बस्तियों के कचरा बीनने वाले बच्चे, जो हाल ही जीवन में पहली बार स्कूल भी जाने लगे हैं, इस फिल्म को देखने गए। इन बच्चों के लिए यह सब जादुई था। प्रभावी फिल्मांकन की वजह से यह बच्चे साफ-सफाई और शौचालय के महत्त्व को जान पाए। देश के एंटरप्रेन्योर्स और युवाओं की ओर से ऐसे बेहतरीन और सफल प्रयास समाज को बदलने की ताकत रखते हैं।
– डॉ. मानवी सिंह, चीफ मेंटर, पुष्प संस्थान
राउंड टेबल का अहम योगदान
राउंड टेबल इंटरनेशनल संस्थान की स्थापना 1962 में की गई थी। इसके संस्थापकों में 18-40 वर्ष के ऐसे यंग अचीवर्स शामिल थे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को कायम करते हुए सामाजिक सहभागिता और व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता दी। विश्व के कई देशों के साथ भारत में भी राउंड टेबल इंडिया के अंतर्गत संगठन बेहद सफल रहा। विश्वभर में राउंड टेबल से 67 देशों के 65000 सदस्य जुड़े हैं और सेवाएं दे रहे हैं।
भारत में राउंड टेबल इंडिया के अंतर्गत बीते 15 सालों में 2371 स्कूलों और 5736 कक्षाओं का निर्माण करवाया गया। करीब 212 करोड़ रुपए की लागत की इन परियोजनाओं से देश के शिक्षा जगत में आधार स्तर पर गहरा प्रभाव पड़ा। जिससे सीधे तौर पर 51.50 लाख सुविधाओं से वंचित छात्र-छात्राओं को लाभ मिला। वर्ष 1998 में राउंट टेबल इंडिया ने राष्ट्रीय परियोजना के तौर पर फ्रीडम थ्रू एजुकेशन का बीड़ा उठाया और समाज पर गहरा असर छोड़ा। स्कूल, टॉयलेट बनवाने, पेयजल सुविधाएं विकसित करने, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं इत्यादि स्थापित करने के अलावा राउंड टेबल मुख्यधारा से पिछड़े लोगों के लिए प्रयासरत है। फिलहाल देश में अपने 280 चैपटर के करीब 4000 सदस्यों के लिए राउंड टेबल 105 शहरों और कस्बों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सामाजिक रूप से पिछड़ों के लिए जीवनदायिनी संस्था बनकर उभर रही है।
खुशियां बिखेरता बुक एक स्माइल
देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन एंटरटेनमेंट टिकटिंग कंपनी बुक माई शो के सोशल एनिशिएटिव बुक ए स्माइल के जरिए देशभर में विशेष प्रयास जारी हैं। 2014 में शुरु हुए बुक ए स्माइल के जरिए सिनेमा, खेल, आर्ट, थिएटर और म्यूजिक के जरिए समाज को विभिन्न स्तरों पर जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रयास के जरिए मुख्यधारा से पिछड़े वर्ग के लिए शुरू से ही विशेष प्रयास किए जाते रहे हैं। बुक माई शो की बेवसाइट के जरिए भी जरूरतमंदों की मदद के लिए फंड जुटाया जाता है और आवश्यकतानुसार मदद की जाती है। ऑनलाइन टिकट बुक करावाने वाले सभी ग्राहकों को बुक माई शो की ओर से एक रुपए प्रति टिकट से 5 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन की मदद की अपील की जाती है। इसी आर्थिक मदद को संगठित रूप से सामाजिक कार्यों, अवेयरनेस कैंपेन, फिल्मों की स्क्रीनिंग इत्यादि के जरिए लक्षित जनसमूह तक पहुंचाया जाता है। आर्थिक मदद के लिए यहां विजिट किया जा सकता है – https://in.bookmyshow.com/donation/

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