इतने तबादले ! इन आई.ए.एस. ऑफिसर्स का नाम विश्व रिकॉर्ड में लेना चाहिए

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जयपुर। तबादलों का दंश सरकार में नीचे से ऊपर तक हर कोई झेलता है। भ्रष्ट नेता, कम पढ़े लिखे मंत्री, राजनीतिक जालसाज और खेमेबंदी कर अधिकारियों के खिलाफ षडय़ंत्र के जरिए राजनीतिक मंशा पूरी करने वालों का दबदबा ब्यूरोक्रेसी पर हावी है। देश के कई आई.ए.एस. अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें लगातार तबादलों से जूझना पड़ा है। आज भी जूझ रहे हैं। बानगी देखिए, हाल ही हरियाणा सरकार ने 19 आई.ए.एस. अधिकारियों के ट्रांसफर कर डाले, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि आई.ए.एस. प्रदीप कासनी को इस बार 68वां तबादला झेलना पड़ा है।

यह देश का दुर्भाग्य है कि ओछी राजनीति का शिकार इमानदार अधिकारियों को होना पड़ रहा है। यही वजह है कि महज 33 सालों में 68 तबादले इस इमानदार आई.ए.एस. को दागदार नहीं कर पाए। बार-बार कासनी को औसतन छह महीने ही एक स्थान पर टिकने दिया गया है। कासनी को बीते अक्टूबर में एक ही महीने में 3 तबादले भी झेलने पड़े थे। एक अधिकारी किसी भी काडर की एसेट होता है। उस काडर को चलाने में अहम योगदान देता है। प्रदेश के विकास और सरकार को मजबूत करने के यथासंभव प्रयासों में सहयोग करता है, क्योंकि संवैधानिक जिम्मेदारियों से बंधा आई.ए.एस. अपने कामकाजी जीवन को समर्पित जुटा रहता है। लेकिन ऐसे अधिकारियों पर राजनीतिक जालसाजियां भारी पड़ती रही हैं और भारी पड़ रही हैं।

इधर हरियाणा काडर के अशोक खेमका को लें, तो उन्हें अब तक बीते 25 सालों में 47 बार तबादलों का सामना करना पड़ा है। खेमका की गलती केवल यह थी, कि उन्होंने रॉबर्ट वाड्रा से पंगा लिया। वाड्रा के घोटाले खोल डाले। करीब 35 हजार करोड़ की कमर्शियल लैण्ड की डील को उजागर कर दिया। आई.ए.एस. अकादमी में सेवाएं दे चुकीं हिमाचल काडर की विनीत चौधरी को भी अब तक 52 तबादलों का शिकार होना पड़ा है। असम-मेघालय काडर के डब्ल्यू सिमोन पेरियट के अब तक 50 तबादले हो चुके हैं। पंजाब की कुसुमजीत सिद्धू के 46 और हरियाणा के आनंद अरोड़ा के 45 बार तबादले हुए हैं।


कई अधिकारी हुए बार-बार शिकार

अधिकारी                               काडर                         कुल तबादले
प्रदीप कासनी                           हरियाणा                     68
विनीत चौधरी                          हिमाचल                      52
डब्ल्यूएम सिमोन पेरियट            असम-मेघालय              50
अशोक खेमका                        हरियाणा                      47
कुसुमजीत सिद्धू                      पंजाब                           46
आनंद अरोड़ा                          हरियाणा                       45


– प्रवीण जाखड़