जयपुर। देश की ब्यूरोक्रेसी में प्रशासनिक सुधारों को लेकर शानदार कामकाज के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ आईएएस वी. श्रीनिवास को राजस्थान के मुख्य सचिव की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। ब्यूरोक्रेसी में अपनी साफ छवि और सालों तक दिल्ली में प्रतिनियुक्ति के दौरान दिल्ली में रहकर विशेष पहचान बनाने के चलते भारत सरकार ने अब आईएएस वी. श्रीनिवास को राजस्थान वापस भेजा, जिसके बाद राजस्थान सरकार ने आज उनके मुख्य सचिव के आदेश जारी कर दिए हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी. श्रीनिवास पूर्व मुख्य सचिव सुधांशु पंत की जगह ले रहे हैं। आईएएस सुधांश पंत अब केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं और अपनी सेवानिवृत्ति तक दिल्ली में ही सेवाएं देंगे। आईएएस वी. श्रीनिवास, जो पिछले सात वर्षों से केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थे, अब सितंबर 2026 तक राजस्थान की प्रशासनिक मशीनरी को नई दिशा देंगे। उनकी नियुक्ति के साथ ही राज्य में बड़े पैमाने पर नौकरशाही फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर जिला प्रशासन तक बदलाव संभावित हैं।

केमिकल इंजीनियर हैं मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
आईएएस वी. श्रीनिवास का जन्म 1 सितंबर 1966 को आंध्र प्रदेश में हुआ। उन्होंने हैदराबाद से केमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक और एम.टेक की डिग्री हासिल की। 1989 में आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे राजस्थान कैडर में शामिल हुए। अपने करियर की शुरूआत भीलवाड़ा और निम्बाहेड़ा में एसडीएम के रूप में की, उसके बाद पाली और जोधपुर जैसे जिलों के कलेक्टर रहे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वे विदेश मंत्री जसवंत सिंह के निजी सचिव के रूप में भी सेवा दे चुके हैं।
लम्बे समय केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर रहे आईएएस वी. श्रीनिवास
केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान श्रीनिवास ने प्रशासनिक सुधार, पेंशन और जन शिकायत निवारण विभाग में सचिव के रूप में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने सीपीजीआरएएमएस (सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रिवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) को मजबूत किया, जिसमें डेटा-आधारित निगरानी, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और परिणाम-केंद्रित मूल्यांकन फ्रेमवर्क शामिल हैं। पेंशन सुधारों में डिजिटल सेवाओं को सरल बनाकर वरिष्ठ नागरिकों की पहुंच आसान की, जिससे लाखों पेंशनभोगियों को लाभ हुआ।
जटिल मसलों को सुलझाने में माहिर हैं वी श्रीनिवास
आईएएस वी. श्रीनिवास की कार्यशैली जवाबदेही, संस्थागत दक्षता और सुधार-प्रधान परिवर्तन पर आधारित है। वे जटिल समस्याओं को सुलझाने में माहिर हैं। संयुक्त सचिव के रूप में उन्होंने दिल्ली एम्स में लंबे समय से चली आ रही ओपीडी कतारों की समस्या का समाधान किया, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार न करना पड़े। यहां अपने प्रोजेक्ट के तहत ई-हॉस्पिटल और ओपीडी परिवर्तन की पहल को उन्होंने सफल बनाया, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय, एनआईसी और टीसीएस जैसे संगठनों के साथ समन्वय किया। इसके अलावा, टेक्सटाइल मंत्रालय में कपास मूल्य अस्थिरता को नियंत्रित कर निर्यात को 2009 के 18 अरब डॉलर से 2013 में 40 अरब डॉलर तक पहुंचाने में योगदान दिया।

समयबद्ध वर्कडिस्पोजल के लिए खास पहचान
एक आईएएस अधिकारी के रूप में श्रीनिवास का वर्कडस्पोजल हमेशा समयबद्ध और कुशल रहा है। वे फाइलों के लंबित रहने को प्रशासनिक कमजोरी मानते हैं और डेटा-आधारित मॉनिटरिंग से निर्णय प्रक्रिया को तेज करते हैं। राजस्थान भूमि राजस्व विभाग में बोर्ड आॅफ रेवेन्यू के चेयरमैन के रूप में उन्होंने लंबित मामलों की निगरानी और समयबद्ध निपटारे पर जोर दिया, जिससे सुपरविजन चुनौतियां कम हुईं। उनकी यह शैली राज्य में 51 आईएएस अधिकारियों द्वारा अतिरिक्त प्रभार संभालने की समस्या को हल करने में सहायक सिद्ध होगी। नए मुख्य सचिव के रूप में श्रीनिवास राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड के चेयरमैन और नई दिल्ली में चीफ रेसिडेंट कमिश्नर के अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से राज्य का प्रशासन अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनेगा। पूर्व मुख्य सचिव सुधांशु पंत के दिल्ली रवानगी के बाद वी. श्रीनिवास का मुख्य सचिव पद पर राज्य सरकार और प्रदेश के व्यवस्था के लिए बेहद फायदेमंद माना जा रहा है।

