राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जयपुर के जवाहर कला केन्द्र में किया ‘मेलोडी ऑफ कलर्स’ का उद्घाटन
जयपुर। मशहूर रेडियोलॉजिस्ट और ख्यातनाम रचनाकार डॉ. सुषमा महाजन की कृतियां न केवल अतीत बल्कि वर्तमान को भी रंगों से जागृत कर देती हैं। क्लासिकल थीम हो, ऐतिहासिक इमारतों को रंगों से जिंदा करना हो या फिर जीवन के विविध आयामों को कैनवास पर लाना हो, डॉ. सुषमा महाजन की कृतियां अद्भुत एहसास देती हैं। शहर में आज रंगों से जीवंतता जगाने वाली ऐसी ही तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी ‘मेलोडी ऑफ कलर्स’ का उद्घाटन राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया।

प्रदर्शनी की कलात्मकता से प्रभावित उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी भी जलरंगों से साकार होती संवेदनाओं, भावों और कल्पनाओं के समंदर में उतर गईं। राजस्थान के कला जगत में आज का दिन बेहद खास रहा। प्रदेश की उपमुख्यमंत्री मंत्री तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दीया कुमारी ने जवाहर कला केंद्र की अलंकार आर्ट गैलरी में ख्यातनाम वॉटर कलर आर्टिस्ट डॉ. सुषमा महाजन के कला चित्रों से सुसज्जित तीन दिवसीय ‘मेलोडी ऑफ कलर्स’ एकल प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने यहां प्रदर्शशित डॉ. सुषमा महाजन की 60 जलरंग कृतियों को निहारने और उनका बारीकी से अवलोकन करने के बाद कहा कि ‘डॉ. सुषमा महाजन द्वारा तैयार ये कला कृतियां निश्चित ही उत्कृष्ट हैं, अद्भुत है। ये जलरंगों में साकार होती संवेदनाएं कल्पना से परे हैं। डॉ. सुषमा द्वारा ये जल रंग कृतियां बहुत बारीकी से ऊकेरी गई हैं, जिनमें वाइब्रेन्ट रंग और उनकी कलात्मकता मानवीय संवेदनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं।’
इस अवसर पर दीया कुमारी ने कहा कि ‘डॉ. सुषमा महाजन वास्तव में जल रंग कला कृतियों की सिद्धस्त कलाकार हैं, वे इस वाटर कलर आर्ट की मास्टर हैं। जल रंग में महारथ रखने वाली डॉ सुषमा की यह कला प्रदेश और देश और समूचे सृजन जगत में नायब है, जो देश और दुनिया में राजस्थान की कला संस्कृति के परचम को फहरा रही है।’

उल्लेखनीय है कि इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन 19 जनवरी तक कला प्रेमी प्रतिदिन प्रात: 11:00 बजे से सायं 7:30 बजे तक कर सकेंगे। इस प्रदर्शनी में लगभग 60 जलरंग कृतियां प्रदर्शित की गईं हैं। इनमें 22 नई कृतियां विशेष रूप से इस प्रदर्शनी के लिए तैयार की गई हैं। साथ ही, पेरिस, जयपुर और नई दिल्ली में पूर्व में प्रदर्शित चुनिंदा कृतियों को भी इसमें सम्मिलित किया गया।

