जयपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षण व्यवस्थाओं को बनाने के लिए निजी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के भामाशाह लगातार अहम भूमिका निभा रहे हैं। शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरनथपुरा, झोटवाड़ा, जयपुर में यंग एंटरप्रेन्योर्स के राउंड टेबल इंडिया ने छात्र-छात्राओं के लिए फर्नीचर की व्यवस्था करवाई है। हरनाथपुरा विद्यालय में उपलब्ध करवाए गए फर्नीचर में बच्चों की आवश्यकतानुसार उनके लिए कुर्सियां और डेस्क शामिल किए गए हैं।
गौरतलब है कि राउंड टेबल की ओर से सरकारी विद्यालयों में समय-समय पर भवन निर्माण, जरूरी सामान, फर्नीचर, स्कूल डेÑस जैसे आवश्यक और जरूरतमंदों बच्चों की मदद के लिए यथासंभव मदद की जाती रही है। हरनाथपुरा राजकीय विद्यालय में भी इसी क्रम में राउंड टेबल आगे आया और स्कूल प्रबंधन के साथ मिलकर बच्चों के लिए फर्नीचर की आपूर्ति की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने राउंड टेबल का आभार जताते हुए बच्चों के लिए की गई व्यवस्थाओं का उनके भविष्य निर्माण में अहम योगदान बताया। मौके पर राउंड टेबल इंडिया की ओर से चेयरमेन पुल्कित अग्रवाल ने कहा की हम आगे भी अलग-अलग विद्यालयों में आवश्यकतानुसार यथासंभव मदद पहुंचाते रहेंगे और राउंड टेबल की मुहिम के जरिए जरूरतमंदों की जिंदगी में बदलाव के हर संभव प्रयास मिलकर करेंगे।
इस अवसर पर राउंड टेबल के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें उपाध्यक्ष विभोर अग्रवाल, सचिव विदित अग्रवाल, प्रोजेक्ट कंवीनर जय पाण्डया एवं हॉनरेरी टेबलर रजत बोहरा, मोहित बांगड़, और अमन अग्रवाल शामिल हैं। राउंड टेबल की टीम के मुताबिक, यह पहल राउंड टेबल इंडिया की ओर से समाज के उत्थान में योगदान देने और वंचित बच्चों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने के प्रयासों का हिस्सा है। राउंड टेबल के हरनाथपुरा राजकीय विद्यालय में आयोजित इस फर्नीचर डोनेशन कार्यक्रम की स्थानीय निवासियों एवं ग्रामवासियों ने राउंड टेबल की जमकर सराहना की।
राउंड टेबल का शिक्षा क्षेत्र में अहम योगदान
राउंड टेबल की स्थापना 1962 में की गई थी। इसके संस्थापकों में 18-40 वर्ष के ऐसे यंग अचीवर्स शामिल थे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को कायम करते हुए सामाजिक सहभागिता और व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता दी। विश्व के कई देशों के साथ भारत में भी राउंड टेबल इंडिया के अंतर्गत संगठन बेहद सफल रहा। विश्वभर में राउंड टेबल से 67 देशों के 65000 सदस्य जुड़े हैं और सेवाएं दे रहे हैं।
भारत में राउंड टेबल इंडिया के अंतर्गत बीते 15 सालों में 2371 स्कूलों और 5736 कक्षाओं का निर्माण करवाया गया। करीब 212 करोड़ रुपए की लागत की इन परियोजनाओं से देश के शिक्षा जगत में आधार स्तर पर गहरा प्रभाव पड़ा। जिससे सीधे तौर पर 51.50 लाख सुविधाओं से वंचित छात्र-छात्राओं को लाभ मिला। वर्ष 1998 में राउंट टेबल इंडिया ने राष्ट्रीय परियोजना के तौर पर फ्रीडम थ्रू एजुकेशन का बीड़ा उठाया और समाज पर गहरा असर छोड़ा। स्कूल, टॉयलेट बनवाने, पेयजल सुविधाएं विकसित करने, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं इत्यादि स्थापित करने के अलावा राउंड टेबल मुख्यधारा से पिछड़े लोगों के लिए प्रयासरत है।
फिलहाल देश में अपने 280 चैपटर के करीब 4000 सदस्यों के लिए राउंड टेबल 105 शहरों और कस्बों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सामाजिक रूप से पिछड़ों के लिए जीवनदायिनी संस्था बनकर उभर रही है। राउंड टेबल इंडिया और बुक ए स्माइल गत आठ वर्षों से सामाजिक सहभागिता कार्यक्रमों को वृहद स्तर पर सफलतापूर्वक अमलीजामा पहना रहे हैं। वर्ष 1997 से अब तक राउंड टेबल इंडिया की ओर से 2371 स्कूलों में 5736 क्लासरूम भी बनवाए गए हैं, जिससे सीधे तौर पर अब तक करीब 60 लाख स्कूली छात्र-छात्राओं को शिक्षा में सुविधा मिल पाई है।

